देशभर में बड़े प्रशासनिक सुधार की तैयारी, राज्यों से मांगे सुझाव; छत्तीसगढ़ के CS विकासशील ने दिए महत्वपूर्ण सुझाव

– देशभर के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में सुधारों पर मंथन, प्रक्रियाओं के सरलीकरण और योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन पर जोर
रायपुर, 10 अगस्त 2026। देश में प्रशासनिक व्यवस्था को अधिक प्रभावी, सरल और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में केंद्र सरकार ने राज्यों के साथ मंथन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में भारत सरकार के कैबिनेट सचिव डॉ. टी.वी. सोमनाथन ने सोमवार को सभी राज्यों के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए रिफॉर्म और सुधारात्मक उपायों पर विस्तृत चर्चा की।
बैठक में राज्यों से प्रशासनिक प्रक्रियाओं को सरल बनाने, सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विकास कार्यों की गति बढ़ाने को लेकर सुझाव मांगे गए।
छत्तीसगढ़ ने रखे अहम सुझाव
वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में छत्तीसगढ़ के मुख्य सचिव विकासशील ने राज्य की ओर से प्रशासनिक सुधारों को लेकर कई महत्वपूर्ण सुझाव प्रस्तुत किए। उन्होंने प्रशासनिक प्रक्रियाओं के सरलीकरण, रिफॉर्म को तेजी से लागू करने और सरकारी योजनाओं का लाभ अधिक प्रभावी ढंग से जनता तक पहुंचाने से जुड़े विषयों पर राज्य का पक्ष रखा।
मुख्य सचिव ने इस बात पर जोर दिया कि प्रशासनिक प्रक्रियाएं जितनी सरल और पारदर्शी होंगी, योजनाओं का क्रियान्वयन उतना ही प्रभावी होगा और आम नागरिकों को सरकारी सेवाओं का लाभ आसानी से मिल सकेगा।
राज्यों के सुझावों पर केंद्र का फोकस
बैठक में देश के विभिन्न राज्यों के मुख्य सचिवों ने भी अपनी-अपनी जरूरतों और प्राथमिकताओं के अनुरूप सुझाव दिए। इस दौरान प्रशासनिक सुधारों को गति देने, सरकारी प्रक्रियाओं को सरल बनाने और व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी एवं जनोन्मुखी बनाने पर चर्चा हुई।
बैठक में केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों के सचिव भी मौजूद रहे। केंद्र और राज्यों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर सुधारात्मक उपायों को जमीन पर प्रभावी ढंग से लागू करने पर विशेष जोर दिया गया।
अक्टूबर से दिसंबर तक देशभर में होगा ‘रिफॉर्म उत्सव’
बैठक में यह भी बताया गया कि अक्टूबर से दिसंबर तक देशभर में ‘रिफॉर्म उत्सव’ मनाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न माध्यमों से आम जनता से भी प्रशासनिक और अन्य सुधारों को लेकर सुझाव लिए जाएंगे।
इस पहल के जरिए केंद्र सरकार का उद्देश्य सुधार प्रक्रिया में राज्यों के साथ-साथ जनभागीदारी को भी बढ़ाना है, ताकि प्रशासनिक व्यवस्था को लोगों की जरूरतों के अनुरूप और अधिक प्रभावी बनाया जा सके।
